इतिहास

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के छत्राधीन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित 6 शीर्ष स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों में से एक है। देश में गुणवत्ता त्रिस्तरीय स्वास्थ्य देखभाल में क्षेत्रीय असन्तुलन को ठीक करने तथा स्नातक तथा स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा तथा प्रशिक्षण में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अधीन देश के सेवाविहीन क्षेत्रों में 6 नये अ.भा.आ.सं. स्थापित करने की योजना बनाई गई।

ये संस्थाएं प्रथम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली की तरह संसद के अधिनियम के द्वारा स्थापित की गई है जो कि स्वास्थ्य देखभाल गतिविधियों की सभी शाखाओं में कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए उच्चतम स्तर की शिक्षण सुविधाओं को एक स्थान पर लाने के लिए चिकित्सा, नर्सिंग तथा पराचिकित्सीय प्रशिक्षण के साथ इसकी सभी शाखाओं तथा सम्बंधित क्षेत्रों में पूर्वस्नातक तथा स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा देता है।

अ.भा.आ.सं., ऋषिकेश संसद के अधिनियम के द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में अस्तित्व में आया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान विधेयक (संशोधित) 2012 लोकसभा में 30 अगस्त, 2012 तथा राज्य सभा में 4 सितम्बर 2012 को पारित हुआ। इस अधिनियम के द्वारा अ.भा.आ.सं., ऋषिकेश मौजूदा अ.भा.आ.सं., दिल्ली की तरह एक स्वायत संस्था बना।

अ.भा.आ.सं., ऋषिकेश के मेडिकल काॅलेज का औपचारिक उद्घाटन समारोह 20.09.2012 को आयोजित किया गया साथ ही 21.09.2012 को 50 विद्यार्थियों सहित एमबीबीएस कक्षाएँ आरम्भ की गई।